Tuesday, February 6, 2018

संघठित अपराधियों का सरकारी गिरोह


संघटित अपराधियों का सरकारी गिरोह
सदियों पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस को संघटित अपराधियों का सरकारी गिरोह बताया था। नोएडा मे प्रशिक्षु दारोगा द्वारा एक आम नागरिक को सरेआम अपने सर्विस रिवालवर से गोली मार देने की घटना से फिर सिद्ध हुआ है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की अराजक मानसिकता मे आज भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है ।प्रदेश मे 20 मार्च 2017 से 31 जनवरी 2018 तक मेरठ मण्डल मे 449, आगरा मे 210, बरेली 196, कानपुर मे 91 कुल 1142 एनकाउन्टर पुलिस ने किये है ।फर्जी एनकाउन्टर के कई किस्से हम प्रदेश वासियों के जेहन मे है । अभी 2016 मे सी बी आई कोर्ट ने फर्जी एनकाउन्टर की कहानी बनाकर 12 लोगों की हत्या के आरोप मे 47 पुलिस कर्मियों को दोषी पाया है ।इसके पूर्व आइ ए एस अधिकारी किंजल सिंह के पुलिस अधिकारी पिता की हत्या के आरोपी पुलिस कर्मियों को अदालत ने सजा सुनाई है । समझ मे नही आता , पुलिस की अराजकता और उसकी ज्यादतियों के विरूद्ध धरना प्रदर्शन करने वाले विपक्षी दलों के सांसद विधायक सत्तारूढ होते ही पुलिस ब्यवस्था मे सुधार करने से पीछे क्यों हट जाते है ? वर्तमान मुख्य मंत्री को पुलिस ज्यादतियों का निजी अनुभव है ।गोरखपुर के तत्कालीन एस एस पी जगमोहन यादव के अपमानजनक ब्यवहार से क्षुब्ध योगी महाराज संसद मे अपने आॅसू रोके नहीं पाये थे इसके बावजूद उनके राज मे पुलिस को अनाप शनाप एनकाउन्टर करने की छूट मिली हुई है ।अटल बिहारी बाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रितव काल मे पुलिस की ब्यवस्था मे सुधार के लिए प्रख्यात न्यायविद होली सोराबजी की अध्यक्षता मे एक समिति का गठन किया था । सोराबजी समिति की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है परन्तु भाजपा शासित प्रदेशों मे भी इस समिति के सुझावों को लागू करना किसी की प्राथमिकता मे नहीं है और उसी कारण पुलिस कर्मियों को मनमानी करने की छूट मिली हुई है ।
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Rakesh Bajpai वी पी सिंह के कार्य काल मे इस दमन चक्र की शुरूवात हुई थी।लोक बन्धु राजनरायण के नेतृत्व मे हमलोगो ने विरोध किया था।
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Sanjay Singh Thakur योगी अपमान भूल गये । अरे लतखोर है यह लोग
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Amit Sharma एन्कोउन्टर तुरंत बन्द होने चाहिए ताकी यूपी के सम्मानित अपराधियों को पुलिस चाय पिलाकर फूल देकर आराम से समझाए न मांनने पर सुधारग्रह भेजे और सम्मान व् प्यार के साथ जीने का अवसर जो की उनका मानवाधिकार है प्रदान करे। जय हिन्द😊😊😊👍👍👍
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जवाब दें7 घंटेसंपादित
Kaushal Sharma आदरणीय अमित जी 
सत्ता के मद मे आप एनकाउन्टर को जायज बताकर हम सब पर ब्यंग्य कस रहे हैं । राजनाथ सिंह के मुख्य मंत्रितव काल मे कानपुर के थाना शिवली के अन्दर तबके राज्य मंत्री आदरणीय सन्तोष शुक्ल की हत्या हुई थी और उसमे कोई दोषी नहीं पाया गया फिर भी आप 
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जवाब दें3 घंटे
Suresh Yadav पुलिस एनकाउंटर का अंजाम भी एन्टीरोमियो प्रोजेक्ट जैसा ही होगा।
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Suresh Yadav पुलिस एनकाउंटर के प्रति सरकार का रवैया क्या होगा, वह इस बात निर्भर करता है कि एनकाउंटर के टार्गेट कहाँ तक वाकई अपराधी ही हैं और कहाँ तक सत्ता पक्ष के विरोधी?
सरकार समर्थक कुछ उत्साही लोगों का विक्ट्री डांस देखकर भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
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Advo Sushil Kumar Pandey शायद मुल्ला साहब ने यह टिप्पणी की थी |
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Subhash Sharma कौशल जी पुलिस के बारे में तो ये जस्टिस आनंद नारायण मुल्ला ने कहा था?क्या ये सत्य है?
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Kaushal Sharma हाँ एकदम सही बात है।
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Suresh Yadav जस्टिस आनन्द नारायन मुल्ला अजीब नाम लग रहा है भाई।
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Subhash Sharma सुरेश जी ये ही सही नाम है।
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Suresh Yadav आनन्द नारायण एक तरफ और मुल्ला उसके विपरीत दूसरी तरफ। कुछ खुन्नस निकलता हुआ दिख रहा है। इसीलिए मन मे सवाल उठा।
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Kaushal Sharma आदरणीय सुरेश जी 
जस्टिस आनन्द नारायण मुल्ला 1954 से 1961 तक लखनऊ बेंच मे माननीय न्यायमूर्ति रहे है और फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप मे लखनऊ से चौथी लोकसभा का चुनाव जीते। 1972 से 1978 तक राज्य सभा सदस्य रहे ।उर्दू की परीक्षा मे फ़ेल होने वाले मुल्ला जी उर्दू के बेहतरीन शायर रहे है । हिन्दू विधि पर उनकी किताब आज भी प्रमाणिक मानी जाती है ।उनके पिता जगत नारायण मुल्ला भी सरकारी वकील रहे हैं।
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Subhash Sharma सुरेश जी और कौशल जी।दरअसल ऐसे नाम मुझे भी कुछ जानने को मजबूर करते थे।मेरे विचार से वे कश्मीरी ब्राह्मण होंगे।इस तरह के नामों के बारे में मैंने बिट्स में कुछ कश्मीरी छात्रों से पूछा तो पता चला की जो लोग हिन्दू से मुस्लिम बने उनमे से कुछ फिर से हिन्दू बने तो उन्होंने एक नाम पुराना भी नाम के साथ जोड़ लिया।वहां एक छात्र रंजन वजीर ने शायद उसने मुझे ये सब बताया था। उन्होंने पुलिस को
"मोस्ट आर्गनाइज्ड गैंग ऑफ अन्तिसोशल एलिमेंट्स...कहा था।उनका ये वाक्य काफी चर्चित हुआ था।लेकिन इस वाक्य को जजमेंट के तुरंत बाद निष्प्रभावी करवा लिया गया था।
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Chandra Shekhar Singh पुलिस को अधिकार देने के साथ आधुनिक संसाधन भी देना होगा
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